होली की पूर्व संध्या पे, सभी दोस्तों को होली की बधाइयाँ|
कॉमिक्स तो हम पढ़ते ही रहते हैं और रहेंगे,
कॉमिक्स तो हम पढ़ते ही रहते हैं और रहेंगे,
कहने को तो ये तीन series थे - "गोवरसन्स कॉमिक्स", "मधु मुस्कान कॉमिक्स" और "त्रिशूल कॉमिक्स" - पर मुझे हमेशा एक ही लगे|
कारण: एक ही owner के थे, अलग- अलग नाम से 1982 से 1985 के बीच आये थे, जिसमें कई Heroes हर शृंख्ला में थे| काश, इन तीनों का पुनः प्रकाशन का शुरू होता|
इंद्रजाल कॉमिक्स के बाद शायद पहली बार कई विदेशी heroes को एक साथ न सिर्फ हिंदी बोलना सिखाया गया, बल्कि कई का भारतीयकरण करने की कोशिश की गयी थी|
इन्होंने ही मुझे एस्ट्रिक्स, तार, Famous Five (पांच जासूस), लकी ल्यूक का फैन बनाया| हसन पाशा जी और हरीश सूदन जी के एस्ट्रिक्स अनुवाद का जादू अभी तक इस कदर छाया हुआ है, नए हिंदी अनुवाद को एक बार पढ़ने के बाद उसे फिर नहीं उठाया|कई, जिनमें से
इन्होंने ही मुझे एस्ट्रिक्स, तार, Famous Five (पांच जासूस), लकी ल्यूक का फैन बनाया| हसन पाशा जी और हरीश सूदन जी के एस्ट्रिक्स अनुवाद का जादू अभी तक इस कदर छाया हुआ है, नए हिंदी अनुवाद को एक बार पढ़ने के बाद उसे फिर नहीं उठाया|कई, जिनमें से
- "हसन पाशा जी और ज़ामिन हुसैन चाचा" का "बबलू", "आकाशवीर शक्तिमान" और "कलमदास";
- "हरीश सूदन" जी का डैडी जी;
- "मुरली जी" का "पान सिंह",
- आबिद सुरती और गोविन्द ब्रह्माणिया जी का "शुजा";
- जगदीश जी का "पोपट-चौपट "और "भारत कुमार",
- शेहाब जी का "मंगलू मदारी"
आदि को "मधु मुस्कान" से ही पसंद करता था, पर पूरी कॉमिक्स format में इन series में मुझे ज्यादा मज़ा आया|


