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Sunday, 19 July 2020

MMC - लकी ल्यूक: आफती जेन


क्या आप जानते हैं, लकी ल्यूक सिर्फ 3 ही  हिंदी  में छपे थे? बड़ी मुश्किल से पहली मिली थी, उससे भी अधिक कठिनाई से दूसरी मिली है|

तीसरा और आखरी हिंदी लकी ल्यूक जल्द ही आने वाला है, उसपे एक बंधू उसपे बहुत मेहनत कर रहें है, उसकी बातें उस कॉमिक्स के साथ बताऊँगा 
|

तब तक  एक Truly Timeless Gem का आनंद लीजिये|  
बहुत ही मजेदार कॉमिक्स है, पढ़ आपको खुद ही महसूस करेंगे | लकी ल्यूक कॉमिक्स में ऐतिहासिक लोगों और स्थानों का खूब प्रयोग हुआ है, इस कॉमिक्स की नायिका  Calamity Jane aka Martha Jane Cannary (May 1, 1852 – August 1, 1903) भी उनमें से एक हैं|

कभी कभी सोंच अजीब लगता है, हिंदी में Franco-Belgian Comics, जैसे एस्ट्रिक्स, टिनटिन, लकी ल्यूक, Iznogoud आदि पहले नियमित रूप से क्यों नहीं आते थे ! हाँ, दूसरों से अधिक कीमत तो थी, पर करीब-करीब दुगुने पन्ने भी तो थे, दो भाग में भी  छापने पे मूल्य बाकी के पास ही होता| काश हम भी इन्हें मातृभाषा में बचपन में पढ़ पाए होते| 
पर देख़ ख़ुशी हो रही है कि 22  टिनटिन के बाद, अब एस्ट्रिक्स भी फिर नए अनुवाद के साथ आ रहा है|  amazon.in आदि internet shops और book stalls से  5वां 
 ऑस्ट्रिक्स एल्बम (नया अनुवाद) खरीद सकते हैं| 22 हिंदी टिनटिन और 4 पहले से ही उपलब्ध हैं, हाल में ही reprint हुए हैं, क्या पता फिर reprint हो या नहीं, खत्म होने से पहले 
Collectors खरीद लें | 

Serial No.: NA
Title: 

आफती  जेन 
Writer(s): Rene Goscinny
Artist(s): Morris
Original #, Title & Year: #30 - Calamity Jane (1967)
Year of Hindi Print: 1984?
Publication: मधु मुस्कान कॉमिक्स

Scanned by: Gaurav The Devil
Recreated cover & Edit by: PBC
कवर पेज नहीं थे, cam photo के लिए सागर राणा भाई को धन्यवाद, जिसकी वजह से मुख्य कवर original के करीब बना पाया | 

Saturday, 11 November 2017

Gowarsons - Lucky Luke Dalton Nagar (1983)


क्या आप जानते हैं, सिर्फ 3 हिंदी लकी ल्यूक ही अभी तक छपे हैं?
प्रस्तुत है - पहला अंक
Serial No.: NA
Title: 
लकी ल्यूक - डालटन नगर 
Writer(s): René Goscinny
Artist(s): Morris
Original Album #, Title & Year: #34 Dalton City (1969)
Year of Hindi Print: 1983
Publication: Gowarsons Comics

Scanned by: Gaurav The Devil
Edited by: PBC


Sunday, 10 October 2010

Last Hindi Asterix (Estriks Aur Roman Ghuspaithiya)

Today going to share 6th and last Hindi Asterix. Cheers!
  
Here is correct printing sequence of Hindi Asterix.
   1. एस्ट्रिक्स ऑलम्पिक में / Estriks Olampik Me [12] (1982)
   2. एस्ट्रिक्स और कड़ाहे का रहस्य / Estriks Aur Kadahe Ka Rahasya [13] (1982)
   3. एस्ट्रिक्स और बड़ी लड़ाई / Estriks Aur Badi Ladai [7] (1983)
   4. एस्ट्रिक्स और ज्योतिषी / Estriks Aur Jyotishi [19] (1983)
   5. एस्ट्रिक्स और क्लयोपेट्रा / Estriks Aur Klayopetraa [6] (1984)
   6. एस्ट्रिक्स और रोमन घुसपैठिया / Estriks Aur Roman Ghuspaithiya [15] (1984)

 First Five I had already shared with you.

Story                         :Rene Goscinny
Illustrations             :Albert Uderzo
French edition         :1970
English translation  :1972
Hindi translation     :1984
Hindi translator      :Harish M. Sudan


After several failure attempts to defeat the little Gaulish village, Julius Caesar  opens new front: psychological war.

He sent an expert troublemaker to set friend against friend. Jealousy soon spreads as the Gauls become suspicious of each other. Somehow, Asterix must outwit the wily the Roman agent.

Download Estriks Aur Roman Ghuspaithiya

Friday, 10 September 2010

एस्ट्रिक्स ओलम्पिक में (First Hindi Asterix: Estriks Olampik me )

नमस्ते दोस्तों, आज लगभग दो वर्षों की तलाश के बाद मौका मिला है पहली  हिन्दी एस्ट्रिक्स  आप सभी के साथ आनंद लेने  का| 

प्रस्तुत है: "एस्ट्रिक्स  ओलम्पिक  में"  (English title: Asterix at the Olympic Games)  -१९८२

कुल ६ हिंदी एस्ट्रिक्स कॉमिक्स में से ४ पहले ही आप पढ़ चुके हैं, एक और अनुराग भाई के पास उपलब्ध है, लेकिन मैं इस अंक को खोज नहीं पा रहा था|
और इस बार, भारत से नहीं, बल्कि  यूरोपीय संघ से एक प्रशंसक आगे आया जिसने अपना नाम गुप्त रखने  का आग्रह किया| 
स्वच्छीकरण का कार्य मेरे द्वारा किया गया है|

जैसा  मैंने पिछले एस्ट्रिक्स पोस्ट में भी कहा था, इस अंक से मुझे विशेष लगाव है,  ना सिर्फ इससे  एस्ट्रिक्स से मेरा परिचय हुआ था,  बल्कि मेरी नज़र में कुल ६ हिंदी में से सबसे दिलचस्प भी है| 
 

Thursday, 29 July 2010

एस्ट्रिक्स और ज्योतिषी


जहाँ तक मुझे याद है, हिंदी में कुल मिला कर मात्र ६ एस्ट्रिक्स प्रकाशित हुए थे| मेरा परिचय एस्ट्रिक्स  से हिंदी के ही माध्यम से हुआ है| सबसे पहली हिंदी एस्ट्रिक्स थी, "एस्ट्रिक्स ओलिंपिक खेलों में", जिसने मुझे इस पात्र का आजीवन दीवाना बना दिया| मुझे याद है कोई अगस्त या सितम्बर १९८२ की बात है, एक दुकान पर इंद्रजाल और कुछ अमर चित्र कथा खरीद रहा था| पास में कुछ  इंगलिश एस्ट्रिक्स भी थी, जिनकी कीमत कोई ५० रूपये और साथ में ही हिंदी ५ रूपये मात्र की| उठा कर  देखा,  कागज साधारण लेकिन कॉमिक मजेदार लगी| खरीद कर घर लाया, कितनी बार पढ़ा होऊंगा, कह नहीं सकता| फिर शुरू हो गयी हर अगले अंकों की तलाश|

अनुराग भाई के पास उपलब्ध पांच में से  तीन पहले ही पोस्ट कर चूका हूँ | आज प्रस्तुत है एक और  विरल  हिंदी  एस्ट्रिक्स:  "एस्ट्रिक्स और  ज्योतिषी"| संवादों का अनुवाद प्रसंसनीय है|
  • १९७२ - मूल प्रकाशन  फ्रांसीसी भाषा में और मूल श्रृंखला में उन्नीसवीं (अब तक केवल ३४) कॉमिक
  • १९८३ - हिन्दी एस्ट्रिक्स श्रृंखला में तीसरी कॉमिक का एकमात्र हिंदी प्रकाशन
यह कहानी है एक ऐसे प्रपंची की जो एक ज्योतिषी (भविष्यवक्ता) का ढोंग कर सीघे-साधे गालवासियों से खूब पैसा बनाता है| कुछ समय तक "बांटो और राज करो" नीति सफल होती है| लेकिन अपनी ही करणी का फल पहले से भी बुरी तरह भुगतता है, और जहाँ  एस्ट्रिक्स महाशय हों - कुछ और भी हो सकता था क्या? बोया  पेड़  बबूल  का , आम  कहाँ  से  खाय|

Saturday, 10 July 2010

मुर्खता दिवस ( Single Iznogoud Comics Printed in Hindi)

एक खुशखबरी  है: अपने रफ़ीक भाई - जो पिछले साल से  पतिश्री की सफल भूमिका अदा कर रहे  हैं, ७ जुलाई २०१० से  पिताश्री की  भूमिका को  भी बहादुरी के साथ निभाना शुरू कर दिया है| पुत्ररत्न का नाम वो खुद ही समय आने पे बताएँगे|
मेरी  ऊपरवाले से पार्थना है कि "छोटे रफ़ीक" खलीफा हारून की तरह  सौम्य और  सौभाग्यशाली नायक हों, जिनपे Iznogoud स्वरूप  लोगों की बुरी नियत से तनिक भी आंच ना आये|
हम सभी की तरफ से उनके सम्पूर्ण परिवार को हार्दिक बधाइयाँ! 




इस खुशी के पल में प्रस्तुत है,  अनुराग भाई के अनमोल खजाने से एक अति दुर्लभ कॉमिक: 
हिंदी में एकमात्र प्रकाशित  Iznogoud कॉमिक - मुर्खता दिवस


इस किरदार के लेखक   Rene  Goscinny कृत  Astérix और Lucky Luke को कौन नहीं जानता है|  वैसे तो अभी तक मात्र २८ फ्रेंच में छपे हैं|  भारतवर्ष में १२ अंग्रेजी में उपलब्ध हैं,  १२ और भी जल्दी ही आने वाले हैं| लेकिन न इससे पहले, न ही इसके बाद हिंदी पाठकों को यह सौभाग्य हासिल हो पाया है| 

स्वर्गवासी रेने की तरह शायद ही कोई ऐसा कॉमिक्स लेखक है जिसके तीनों किरदार इतने  सालों बाद भी  विश्व के लोकप्रिय कॉमिक्स नायक हों|  ये किस श्रेणी की कला हैं कहने की जरुरत नहीं, इन कॉमिक्सों को किशोरों से बुजुर्ग वर्ग तक पढ़ने में तनिक भी संकोच नहीं करता |

सार: बगदाद  के बेहद ही सौम्य खलीफा Haroun El Poussah (हारून अल पौस्साह) का प्रिय प्रमुख वजीर Iznogoud है| लेकिन उसके  जीवन में एकमात्र उद्देश्य है, खलीफा हारून का पराभव और खुद ही  खलीफा बनना| 
 
वैसे तो खलीफा की नज़र में  उसका प्रमुख वजीर  हमेशा वफादार अनुयायी रहता है, लेकिन कैसे अपना ही हर दाव Iznogoud पे उल्टा बैठता है, इस सम्पूर्ण कॉमिक्स की श्रृंखला का अभिन्न अंग है| कहने  को तो कॉमिक्स है, परत्नु क्या  वास्तविकता में हम ऐसे लोंगों को अपने आस-पास नहीं पाते हैं? ;)


खैर ये कहानी फिर कभी, आज समय है ख़ुशी मनाने का|
इस श्रृंखला के  बारे में कुछ विशेष विवरण रफ़ीक भाई के ब्लॉग पे उपलब्ध है:  कृपया यहाँ क्लिक करें 

Friday, 9 January 2009

एस्ट्रिक्स और बड़ी लड़ाई (Estriks Aur Badi Ladai)


One more very rare Hindi comics contributed by Anurag Dixit.

It was third among six Asterix published by Gowarsons comics in Hindi. English versions of all Asterix Comics (ever published) are available in this blog. 

Tuesday, 18 November 2008

एस्ट्रिक्स और कड़ाहे का रहस्य

Dear Parth,
A prayer: to bless your way!
A wish : to lighten your moments!
A cheer: to perfect your day!
A text: to say HAPPY BIRTH DAY!


Contributor Anurag’s son Parth Dixit, going to be 10years on 20th November, student of class Vth in D.P.S. Raipur, Chhattisgarh state, India.
He has been playing tennis for last 3 years. At present state No.2 in under 14 age group and is representing Chhattisgarh state in Nationals and All India ranking tournaments.
Interested in paintings, sketching, modern technology and old songs of Kishore kumar and Mohd. Rafi.
Loves Indrajal Comics & Asterix.

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Today is special day for me. Last year on 18th November, Sunday started blogging at Books & Comics blog. In this period there were many up & downs in my life, but always tried to be regular in postings. Hope your love & good wishes will permit me to continue with same enthusiasm. Many comics are already planned, so journey continues. Thank you very much all contributors and visitors.